मंदसौर। माननीय विशेष न्यायधीश महोदय पॉक्सो एक्ट मंदसौर द्वारा आरोपी कृष्णपालसिंह उर्फ पिंटु पिता मांगूसिंह पंवार राजपूत उम्र 29 वर्ष नि०ग्रा० थडोरा तह० खाचरोद जिला उज्जैन को नाबालिग से बलात्कार करने का दोषी पाते हुए धारा 366 भादवि में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 2 हजार रूपये जुर्माना, 376 (3) भादवि में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2 हजार रूपये जुर्माना एवं धारा 5एल / 6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2 हजार रूपये जुर्माना 344 भादवि में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रूपये जुर्माना से दण्डित किया अभियोजन मीडिया सहायक शोएब खान द्वारा बताया गया मामला इस प्रकार है कि दिनांक 17.05.2021 को पीडिता के पिता ने रिपोर्ट किया कि मेरी लड़की उम्र 14 वर्ष दोपहर करीब 1 बजे मेरे होने वाले जमाई साहब को लेने के लिए झाड बस स्टैण्ड पर गई थी जो अभी तक बापस नही आई तो मैने मेरी लडकी की तलाश गांव में व आसपास रिश्तेदारी में की किन्तु कहीं पता नहीं चला मेरी लडकी को कोई अज्ञात बदमाश बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया है थाने पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान पीडिता को आरोपी कृष्णपाल से दस्तयाब कर पूछताछ कर कथन लेख किये गये पीडिता ने कृष्णपालसिंह द्वारा बहला फुसलाकर उसकी मोटरसाईकिल पर बिठा कर नारायणगढ - पिपलियामंडी होते हुए मंदसौर होते हुए प्रतापगढ़ राजस्थान लेकर गया प्रतापगढ़ में ही कृष्णपालसिंह ने तलाई मोहल्ला देवगढ दरवाजा के पास मकान किराये से लिया और मुझे वहीं पर पत्नी बनाकर रखा और शक न हो इसलिए कृष्णपाल ने एक मंगलसूत्र मुझे पहना दिया और कहा कि कोई पूछे तो बता देना कि हम दोनों ने शादी की है इस दौरान कृष्णपालसिंह ने मेरे साथ पति-पत्नी की तरह शारीरिक संबंध बनाये मैने कई बार उससे कहा मुझे मेरे पापा के पास जाना है मुझे मेरे गांव छोड़ दो तो कृष्णपालसिंह ने कहा अब तुझे मेरे साथ रहना है और अगर तूने किसी को कुछ बताया तो मैं तुझे जान से | मार दूंगा मैं डर गई थी इसलिए आसपास के लोगों को नहीं बताया कि कृष्णपालसिंह ने ने मुझे डरा धमका कर जबरन बिना शादी किये रखा है व मेरे साथ मेरी मर्जी के बिना बलात्कार कर रहा है फिर आज मेरे पिताजी व पुलिस वाले हम लोगों को ढूंढते हुए | प्रतापगढ आये मैने मेरे पिताजी व पुलिस वालों को उक्त घटना के बारे में बताया है। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया विचारण के दौरान उक्त प्रकरण में न्यायालय के समक्ष अभियोजन द्वारा रखे गये तथ्यों व तर्कों से सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध किया । प्रकरण में अभियोजन का सफल संचालन विशेष लोक अभियोजक श्रीमती हेमलता बामनिया द्वारा किया गया।

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