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सिंधी विस्थापितों की आड़ में बारादरी की दुकान पर असामाजिक तत्वों ने जमाया डेरा प्रशाशनिक कार्यवाही का इन्तेजार


नीमच-नीमच में आजादी के बाद कई सिंधी परिवार पाकिस्तान से आकर बस गए थे जिन्हें सिंधी विस्थापित कहा जाता है । वह जब नीमच में आकर बसे तो उन्हें शासन द्वारा कई योजनाओं का लाभ दिया गया और सिंधी विस्थापितों को कुछ विशेष सुविधाएं देने की भी घोषणा की गई । ऐसा ही मामला सिंधी विस्थापितों का शहर के बीचों-बीच स्थित बारादरी के पास नीमच सिटी की और जाने वाली दुकानों का कुछ समय पहले सामने आया था । नीमच नगरपालिका द्वारा उन्हें सूचना पत्र देकर उत्कृष्ट रोड बनाने के लिए जगह छोड़ने का आदेश दिया था जिसपर अधिकतर सिंधी विस्थापितों ने तो नगरपालिका में इस सम्बंध में दस्तावेज आदि प्रस्तुत कर दिए थे पर उन्हीं की आड़ में कुछ आसामाजिक तत्वों ने भी फायदा उठा एक दुकान पर कब्जा जमा लिया और वह कब्जा आज भी उस स्थान पर जमा हुआ है । वह दुकान आसामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी है और कई आसामाजिक कार्यो से जुड़े लोगों का उस दुकान पर आना जाना है । यदि नीमच नगरपालिका और जिला प्रशासन इस और ध्यान देता है तो सारी सच्चाई सामने आजायेगी और बारादरी के आसपास जमे अवैध कब्जे को हटाया भी जा सकेगा । इस सम्बंध में सामाजिक कार्यकर्ता एवं एडवोकेट अमित शर्मा द्वारा नीमच नगरपालिका को बारादरी और उसके आसपास की दुकानों पर काबिज लोगों के वैधानिक दस्तावेजो की जांच कर भौतिक सत्यापन करवाने की भी मांग की है और सिंधी विस्थापित परिवारों को छोड़ जिनके द्वारा इन दुकानों पर अवैधानिक रूप से बारादरी की जमीन पर अवैधानिक दुकानें बनाकर कब्जा कर रखा है उन्हें वहां से हटाने की भी मांग की है ।

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