रतलाम, 14 अक्टूबर2021। एक सप्ताह पूर्व शहर के ओद्योगीक थाना क्षैत्र अंर्तगत लक्ष्मणपुरा में अकेली रह रही बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासील की है। पुलिस के अनुसार वारदात का मास्टर माइंड फरियादी महिला का पड़ोसी ही निकला। पुलिस ने आरोपियों से चोरी का माल भी बरामद कर लिया है गुरुवार को नवीन पुलिस कंट्रोल रुम पर एसपी गौरव तिवारी ने प्रेसवार्ता कर मामले की जानकारी दी। इस दौरान ओद्योगीक क्षैत्र थाना प्रभारी ओ.पी. सिंह भी मौजुद थे यह है मामला जानकारी के अनुसार वारदात 7 अक्टूबर को लक्ष्मणपुरा निवासी श्रीमती अनीता फ्रांसिस के यहां हुई थी। फरियादी महिला ने पुलिस को जो बताया उसके अनुसार रात में वह अपने रूम में सो रही थी। रात करीब साढे तीन बजे इनकी नींद खुली तो उन्होने देखा कि उनके बेड के पास दो युवकों खड़े हुए है। युवकों के पास धारदार हथियार भी थे। बदमाशों ने उन्हें हथियार दिखाकर डराया और उन्होंने शरीर पर जो जेवर पहन रखे थे सभी देने के लिए कहा। महिला ने चूड़ी, चैन सहित जो ज्वेलरी पहन रखी थी वह बदमाशों को दे दी। बदमाशों ने रुपयों के बारे में पूछा तो महिला ने अलमारी में रखे होने की बात कही। बदमाशों ने अलमारी के एक बैग में रखे डेढ़ लाख रुपए और उसमें रखी ज्वेलरी भी ले ली। बदमाशों ने घर में अन्य अलमारियों की भी तलाशी ली। इस दौरान डर के मारे महिला ने खुद को बाथरूम में बंद कर दिया। फरियादी के अनुसार वारदात के बाद बदमाश वही बेड पर लेट गए। बदमाशों ने महिला से उनका मोबाइल भी छीन लिया था। सुबह करीब 6:30 बजे तक बदमाशों की आपस में बात करने की आवाज महिला को सुनाई दे रही थी। सुबह जब बदमाशों की आवाज आना बंद हो गई तो महिला बाहर निकल कर आई। इस दौरान महिला को अपने मोबाइल के अलार्म की आवाज आई जो बदमाश घर के बाहर बरामदे में फेंक कर चले गए थे। पुलिस ने बताया कि वारदात से डरी महिला सुबह रिपोर्ट लिखाने भी पुलिस थाने नहीं पहुंची। दोपहर में फरियादी महिला ने औद्योगिक क्षेत्र थाने जाकर वारदात की सूचना दी । सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ओपी सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया था पड़ोसी ही निकला मास्टर माइंड
एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि वारदात की गंभीरता को देखते हुए उनके द्वारा एक टीम का गठन किया गया था। एएसपी ग्रामीण सुनील पाटीदार, सीएसपी हेंमत चौहान के निर्देशन और ओद्योगीक क्षैत्र थाना प्रभारी ओ.पी.सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले की तहकीकात शुरू की। एसपी गौरव तिवारी ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का पुरुस्कार देने की घोषणा की विवेचना के दौरान टीम ने महिला द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर संदिग्धो की धरपकड़ शुरू की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुछताछ शुरू की। पुछताछ के दौरान संदेही हेमंत उर्फ टीमु को हिरासत में लेकर पुछताछ की, जिसने घटना स्वीकार करते हुए पुलिस को बताया कि 6 अक्टूबर की रात उसके साथी युवराज उर्फ भोला ने उसे और एक अन्य साथी अभिषेक को लक्ष्मणपुरा रेलवे पटरी के पास बुलाकर बताया कि उसके घर के पड़ोस में एक बड़ा मकान है, जिसमें महिला अकेले रहती है। पड़ोसी होने के नाते वह उनके घर आता-जाता रहता है। वहां पर चोरी करना है। इसी रणनीति के तहत तीनों लोग हसिया, चाकू और पेचकस लेकर उस महिला के घर पर पहुंचे। आरोपियों ने पेचकस, प्लायर और चाकू से दरवाजे की जाली काटकर दरवाजा खोला। दरवाजा खोलने के बाद युवराज बाहर रुककर रेकी करता रहा। घर के अंदर हेमंत और अभिषेक गए और वारदात को अंजाम दे दिया। वारदात के बाद आरोपियो ने सुनसान स्थान पर बैठ कर सभी ने पैंसे का बंटवारा कियाा और आभूषण बेचने के उद्देश्य से छिपा कर रख दिए। वारदात के बाद आरोपी युवराज और कुणाल जयपुर चले गए थे। तीसरा आरोपी भी जयपुर जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस के हत्थे चढ गया। पुलिस ने हेमंत और युवराज को भी जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है लूट के पैसो से बाइक और वाशिंग मशीन खरीदी एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि वारदात के पैसो से कुणाल ने एक वाशिंग मशीन और युवराज ने एक बाइक खरीदी थी। तीनों आरोपियों से नगद 60 हजार रुपए बरामद किए गए है वहीं दो सोने की चैन, चार चुडिया, सोने के टाप्स, अंगुठी सहित 9 लाख रुपए मुल्य के आभूषण बरामद किए है इनकी रही भूमिका एसपी गौरव तिवारी ने मामले को सुलझाने में ओद्योगीक क्षैत्र थाना प्रभारी ओ.पी. सिंह की तारीफ की। इसमें एसआई जितेन्द्रसिंह कनेश,एएसआई रायसिंह रावत, प्र. आ. दिनेश जाट, लोकेन्द्र सोनी,आरक्षक दीपकसिंह , शोभाराम शर्मा, सुर्यप्रसाद, लखनसिंह, पंकज बारिया, संदीप शर्मा, दिनेश धनगर, मानसिंह चौहान, जोया बारिया और साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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