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फर्जी इकरारनामें को आधार बनाकर कराई रजिस्ट्री मूल खरीददार ने कोतवाली थाने में दर्ज कराया धोखाधड़ी का प्रकरण

निम्बाहैडा़। कोतवाली थाना निंबाहेड़ा में फर्जी इकरारनामे के जरिए रजिस्ट्री करवाने को लेकर मूल खरीददार रमेश आहूजा पिता किशन लाल आहूजा जाति सिंधी निवासी सिंधी कॉलोनी ने कुल 6 लोगों कुलदीप पिता मदनलाल जाति चपलोत जैन आयु 35 साल निवासी आर्दश कॉलोनी निम्बाहेडा  मदनलाल चपलोत एडवोकेट आर्दश कॉलोनी निम्बाहेडा  शान्तादेवी गाजरे बेवा भगवंन्त राव  जाति गाजरे मराठा आयु 80 साल निवसी अमित कुंज सविता कॉलोनी निम्बाहेडा हनुमन्त राव पिता भगंवन्त राव  जाति गाजरे मराठा आयु 48 साल निवासी अमित कुँज सविता कॉलोनी निम्बाहेडा  चेतन राव पिता हनुमन्त राव जाति गाजरे मराठा आयु 25 साल निवसी अमित कुँज सविता कॉलोनी निम्बाहेडा, प्रकाशचन्द पिता उदयलाल  जाति तेली आयु 45 साल निवासी आमलिया बावजी रोड, दादा बाडी निम्बाहेडा तत्कालिन स्टाम्प वेण्डर के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया कोतवाली थाने में दर्ज  प्रकरण अनुसार श्रीमति शान्तादेवी गाजरे पत्नि भगवन्त राव गाजरे के स्वामित्व एवं आधिवत्य का एक आवासीय मकान  आर्दश कॉलोनी निम्बाहेडा में स्थित है। जिसकी साईज 80 बाय 45 कुलिया 3600 वर्गफीट है। जिसके पुराना नम्बर 39 है। उक्त मकान पट्टी पोश होकर दो मंजीला बना हुआ है। प्रार्थी ने उक्त मकान को जरिये इकरार नामा दिनांक 13.07.2023 के इक्कासी लाख रूपये में क्रय किया। कुल विक्रय राशि में से  प्रार्थी ने ग्यारह लाख रूपये  इकरारनामा के समय नकद दिये थे। उसके बाद दिनांक 24.07.2023 को विक्रय राशि में से  पन्द्रह लाख रूपये जरीये चेक नम्बर 163459 एवं 163460 के दिये जो उक्त रूपया विक्रेता शान्तादेवी के बैंक खाता में जमा हुए है। इस प्रकार विक्रय राशि में से कुल  छब्बीस लाख रूपये शान्ताबाई पुत्र हनुमन्त राव एवं पौत्र चेतन गाजरे ने प्रार्थी से प्राप्त किये, बकाया राशि उक्त रजिस्ट्री मकान की कराते समय प्राप्त करने का इकरार नामे में अंकित है श्रीमति शान्तादेवी उसके पुत्र हनुमन्त राव तथा पौत्र चेतन राव गाजरे ने तथा मदनलाल चपलोत एडवोकेट, उसके पुत्र कुलदीप चपलोत ने पुर्व सुनियोजित तरीके से आपस में सॉठ-घाठ करके षडयन्त्र रचकर मुझ प्रार्थी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने की नियत से एक फर्जी स्टाम्प की कुटरचना कर पुरानी दिनांक 23.07.2022 का झुठा अंकित कर एक विक्रय ईकरार नामा श्रीमति शान्तादेवी से कुलदीप चपलोत के हक में बनाया। जो स्टाम्प क्रमांक 1934 दिनांक 23.07.2022 को जारी होना बताया है। जो तत्कालिन स्टाम्प वेण्डर प्रकाशचन्द तेली निम्बाहेडा के लाईसेन्स संख्या 43/2016 से उसके द्वारा जारी होना स्टाम्प के पिछे सिल व लिखा होना बताया है जबकि सत्यता यह है कि उक्त स्टाम्प वेण्डर प्रकाशचन्द तेली ने दिनांक 23.07.2022 को उसके रजिस्टर में कुल 2 दो स्टाम्प 500-500 रूपये के विक्रय किये है, जिसमें से एक स्टाम्प रजिस्टर क्रमांक 1919 में धनेष कुमार पिता महादेव व चन्दुलाल पिता लिम्बाराम गायरी को विक्रय करना बताया एवं इसी दिनांक को दुसरा 500 रूपये का स्टाम्प रजिस्टर के क्रमांक संख्या 1927 पर कुंज बिहारी पिता रंगलाल जी ब्राहम्ण निम्बाहेडा को विक्रय करना दर्ज है। उक्त दोनों स्टाम्प कागज पर 500-500 रूपये के टिकट लगाकर बेचा जाना रजिस्टर में दर्ज है। पुर्व नियोजित षडयन्त्र कर आपस में सांठ-गांठ कर इकरार नामा दिनांक 23.07.2022 को पांच सौ रूपये का स्टाम्प श्रीमति शान्तादेवी को विक्रेता के विक्रय रजिस्टर में दर्ज न होकर केवल मात्र 50 पचास रूपये का स्टाम्प शान्तादेवी के नाम से विक्रय रजिस्टर में दर्ज है। इस प्रकार जो शान्तादेवी के द्वारा कुलदीप चपलोत के हक में उक्त मकान विक्रय करने का इकरार नामा है व कुटरचित फर्जी स्टाम्प है। यह कुटरचित इकरारनामा इसलिये भी साबित होता है कि दिनांक 23.07.2022 को स्टाम्प विक्रय रजिस्टर में क्रमांक 1934 में आमद खा का नाम भी दर्ज है। उक्त विक्रय रजिस्टर में आमद खाँ को शपथ पत्र हेतू स्टाम्प विक्रय करना अंकित है। इस प्रकार प्रार्थी के साथ बेइमानी पुर्ण आशय से धोखा देने की नियत से छल व कपट करने की नियत से सभी ने मिलकर बहुमूल्य कुटरचित दस्तावेज बनाकर असल के रूप में उपयोग लेने हेतू इकरारनामा बनाया है। इस फर्जी इकरारनामा स्टाम्प को असल के रूप के काम में लेने हेतू उस को ही आधार बनाकर रजिस्ट्री भी करा दी गई। प्रकाशचन्द तेली लाईसेन्स संख्या 43/2016 ने दिनांक 23.07.2022 को स्टाम्प विक्रय किये छल व प्रपंच कर फरियादी के हित में हुए अनुबन्ध को निष्फल करने हेतू उक्त कुटरचित इकरारनामा जो शान्तादेवी ने कुलदीप के हक में उक्त सभी मुल्जिमानों द्वारा आपस में सांठ गांठ कर षडयन्त्र रचकर कुटरचित व फर्जी बनाया है, वह दिनांक 23.07. 2022 का  सित्तर लाख रूपये का है। जिसकी रजिस्ट्री शान्तादेवी ने कुलदीप चपलोत के हक में दिनांक 08.11.2023 को कराई गई है। प्रार्थी ने शान्तादेवी से उक्त विवादित आवासीय मकान जरिये इकरार नामा इक्यासी लाख रूपये में दिनांक 13.07.2023 को खरीदा है। प्रार्थी द्वारा मकान का इकरार नामा होने के बाद दिनांक 06.08. 2023 को एक समाचार पत्र में उक्त विवादित मकान क्रय करने बाबत् आम सुचना प्रकाशित कराई थी, तत्पश्चात् सभी अभियुक्तगण द्वारा षडयन्त्र रचकर पुर्व नियोजित तरीके से कुलदीप चपलोत के हक में विक्रय पत्र की रजिस्ट्री करा दी इस प्रकार उपरोक्त सभी अभियुक्तगण द्वारा प्रार्थी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने की नियत से बेईमानी पुर्वक षडयन्त्र रचकर पाँच सौ रूपये के स्टाम्प पर विक्रय इकरार नामा की कुट रचना कर असल के रूप में उपयोग लिया है। प्रार्थी द्वारा पुर्व में एक रिपोर्ट थाना कोतवाली निम्बाहेडा में हस्त लिखित प्रस्तुत की गई लेकिन मुल्जिमान प्रभावशाली व्यक्ति होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई प्रार्थी की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने भा.द.स.की 406,420,120बी धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है जिसका अनुसंधान सहायक उप निरीक्षक प्रहलाद सिंह द्वारा किया जा रहा है।

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