उज्जैन। कंगना रनौत ने एक समिट में कहा कि 1947 में, भारत को आजादी नहीं भीख मिली थी, सच्ची आजादी तो 2014 में मिली है, उनके इस बयान पर DAVS के पदाधिकारियों के द्वारा बताया गया कि गुरुवार के एक कार्यक्रम में कंगना गेस्ट स्पीकर थी, उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करते हुए कहा कि, भारत को असली आजादी 2014 में मिली 1947 में मिली आजादी झूठी थी, वह एक भीख थी,कोर कमेटी सदस्य ईशु कटारिया ने, बताया कि भारत को आजादी हमारे पूर्वजों के वर्षों का संघर्ष, त्याग, बलिदान के फलस्वरूप प्राप्त हुई थी, जिसमें कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी द्वारा अपने प्राणों की आहुति देकर पर शहीद हो गए उन सभी का अपमान कंगना रनोट के द्वारा किया गया इसलिए संगठन के साथियों ने कंगना रनोट के ऊपर पुलिस अधीक्षक महोदय के द्वारा देशद्रोह का मुकदमा पंजीकृत करने की अपील कर एडिशनल एसपी को ज्ञापन सौंपा, ज्ञापन का वाचन DAVS प्रमुख राम सोलंकी जी के द्वारा किया गया, वहीं पर विजय चौहान, शिव सोलंकी, दीपक रानेड, अक्षय मेवाड़ा, सचिन,रामकरण, जितेंद्र, लखन, कृष्णा, दिलीप, ऋतिक, लखन, नंदकिशोर, रामपाल सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे!


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