ग्राम पंचायत भाट- रेवास सचिव व सरपंच की मिलीभगत से विधायक प्रतिनिधि द्वारा राशि 80 हजार की बिल लगाकर काम नहीं हुआ उससे पहले राशी निकाली गई है अपने मोबाइल ऐप पंचायत दर्पण पर यह बिल निकाल रखें बिल में साफ-साफ जाहिर किया गया है कि श्मशान घाट में महिलाएं पुरुष स्नानघर के नाम से 80 हजार कि राशी सुकृत जब कि मौके पर श्मशान घाट की तरफ देखा जाए तो गांव वालों के सहयोग से मात्र एक खेर बनी हुई है श्मशान घाट पर किसी महिला एवं पुरुष स्नांन घर की व्यवस्था नहीं है द्वारा कई बार सोशल मीडिया के जरिए प्रशासन को अवगत करवाया गया है लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक जिस की कोई जांच अभी तक नहीं हुई है कहने का मतलब यह है कि क्या इस साजिश के अंदर जिला पंचायत और जनपद भी शामिल है या नहीं अगर नहीं तो इस की जांच अभी तक क्यों नहीं हुई है सोशल मीडिया के जरीए भाट रेवास ग्राम पंचायत, पंचायत दर्पण ऐप पर बिल निकालने के बाद प्रकाषित न्यूज़ को सचिव ने देखा तो सचिव के दिल में अफरा-तफरी हो गई और जब कि श्मशान घाट का स्नान घर श्मशान घाट पर बनाने का बिल पास हुआ था और सचिव ने न्यूज़ को देखते हुए, गांव में एक गरीब परिवार माणक लाल के नाम से भाटरेवास गाँव मे निवास करता है उस गरीब परिवार ने अपने मकान के पास थोड़ी सी शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर अतिक्रमण करता की रसीद भी प्राप्त कर रखी है और सरपंच व सचिव ने उस अतिक्रमण की जगह स्नानघर बनाने में जुट रहे थे जब कि स्नान घर टी एस श्मशान घाट पर मंजूर हुई है मगर सचिव व सरपंच उस अतिक्रमण करता की जमीन पर महिलाएं महिला एवं पुरुष व स्नानघर बनाने की इस लिए सो़च रहे है कि अतिक्रमण करता फिलहाल में अतिक्रमण की जमीन पर महिला एवं पुरुष स्नानघर बनाने नहीं देगा क्योंकि माणकलाल उस अतिक्रमण की जमीन का अतिक्रमण भर कर रसीद प्राप्त कर रहा है और अपने पतली गली से निकल ने का बहाना भी हो जाएगा जाँच अधिकारियों को यह कह कर समझा दिया जाएगा कि कार्य अभी विवाद में पड़ा हुआ है लेकिन पत्रकार मुकेश शर्मा की बात अगर मानी जाए तो हकीकत यह की टी एस श्मशान घाट में ही बनी हुई है अतिक्रमण की जगह महिला एवं पुरुष स्नान कर बनाना सरपंच व सचिव के लिए बहाना है वह इस लिए कि काम विवाद कि स्तीथी मे पड़ सके और सरपंच व सचिव के द्वारा जबरन उस अतिक्रमण करता गरीब परिवार माणकलाल जी के पास स्नान घर बनाने के नाम से परेशान किया जा रहा है जब कि उस गरीब परिवार ने अतिक्रमण करता की रसीद प्राप्त कर रखी है अतिक्रमण सरपंच व सचिव के द्वारा स्नानघर के नाम से छीनी जा रही है जब कि यह महिला व पुरुष स्नान घर के नाम से जबरन इस परिवार को परेशान किया जा रहा है झिरकन के पत्रकार मुकेश शर्मा की कलम का प्रश्न चिन्ह आकर खड़ा होता है कि आखिर भाटरेवास ग्राम पंचायत की तरफ प्रशासन की अन-देखी क्यों हो रही है जब कि वहां पर काम नहीं हुई है उस से पहले सचिव के द्वारा बिल लगाकर पैसे निकाले गए हैं उस के पीछे आखीर क्या राज है यह तो आने वाला वक्त और भविष्य तह कर सकता


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