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मल्हारगढ़ की झारडा पंचायत में रिकवरी भरने का फंडा सहायक सचिव कंबल ओढ़ कर पी रहे हैं घी। वर्षों से जमे सहायक सचिव दिखा रहे हैं अपना करतब। 90 लाख की रिकवरी में भी बराबर के दोषी। तो नहीं लेकिन कार्रवाई सिर्फ सचिवों पर sachv भी अपनी रिकवरी की भरपाई करने के लिए जाड़ा पंचायत में आए और आते ही अपना करतब दिखाकर चले भी गए तो वही अब करतब दिखाने की दूसरे की बारील


मल्हारगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत झारडा में लाखों रुपए का घपला शासन की योजनाओं को पलीता लगाते सरपंच सचिव व रोजगार सहायक पूर्व में की खबर का हुआ था बड़ा असर जिसके बाद जिला पंचायत सीईओ द्वारा 90 लाख की रिकवरी निकली थी व सचिव व सरपंच के ऊपर प्रकरण भी बना प्रकरण सचिव केअन्य जगह स्थानांतरण भी हुआ प्रकरण अभी खत्म हुआ ही नहीं उसके बाद जिला पंचायत सीईओ ऋषभ गुप्ता का स्थानांतरण इंदौर कर दिया गया। लोगों ने भी अपना धर्म निभाया। जाते जाते जिला पंचायत सीईओ द्वारा भ्रष्ट सरपंच व सचिव सचिव सूरज पाल सिंह को फिर उसी पंचायत की कमान सौंप कर चले गए। जैसे ही कमान सौंपी तो सचिव व सहायक सचिव ने अपना गिरगिट वाला रंग दिखाना शुरू कर दिया था मल्हारगढ़ तहसील में सबसे आय वाली पंचायत फिर इन भ्रष्ट सचिवों को कमान सौंपना यह अपने आप में बड़ा चिंता का विषय है। सहायक सचिव व सचिव द्वारा फिर एक और भ्रष्टाचार की तस्वीरें हमारे कैमरे में कैद हुई जो कि यह दिखाती है कि कितना भ्रष्टाचार सचिव व सहायक सचिव द्वारा किया गया झारडा के गांव हरमाला से चंदनखेड़ा तक तकरीबन 1 किलोमीटर की सुदूर सड़क स्वीकृत कराई गई। जो की पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी 199000 के बिल लगाकर शासन का पैसा निकाल लिया गया तो वही सहायक सचिव की मिलीभगत से फर्जी तरीके से मास्टर हाजी रिया मजदूरों की भरकर 5 लाख निकाल लिया गया ।और जमीनी हकीकत अगर देखी जाए तो जो काम मजदूरों से कराना था वह काम जेसीबी से कराया गया साथ ही सड़क किनारे चार चार फीट खाई लगाकर काली मिट्टी को निकाल कर मिट्टी से सड़क बनाई गई जबकि बील हार्ड मोरम के लगाए गए किसानों के खेतों में दोनों तरफ खाई खोद मिट्टी निकाल कर ग्रामीणों की कृषि की जमीन का नक्शा बदल डाला। वह अपने खेत पर जाने के लिए रस्ते की राह देख रहे हैं।भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी से सुदूर सड़क जिससे ग्रामीण काफी परेशान। सड़क से लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि पूर्व में 90 लाख का भ्रष्टाचार कर चुके सरपंच सचिव को  उसी  पंचायत की कमान सौंपना यह कहां का न्याय है। क्या शासन की योजना इसी तरह धरातल पर लागू हो पाएगी या फिर जनता का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता जाएगा इधर ग्रामीणों का कहना है सरपंच सचिव की तानाशाहीव से पुरा गांव परेशान है शासन की जितनी भी योजना आती हैं उनका लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाता है मिट्टी से बनी सड़क से ग्रामीण बड़े ही परेशान है। इधर जनपद पंचायत सीईओ का कहना है कि मुझे आप के माध्यम से मामला मालूम पड़ा है तो एक जांच दल गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी व दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी आजादी के जश्न पर बटेगी झारड़ा पँचायत में फिर सवा लाख की नुक्ती जिन्होंने झारड़ा पँचायत में किये घोटाले उन्हें ही मिला झारड़ा पँचायत का चार्ज कही पिछले घोटालों की खाना-पूर्ति के लिए तो नही हुआ तबादला ग्राम पंचायत झारड़ा में आजादी के जश्न में सवा लाख की नुक्ती बाटने के बिल सचिव दिनेश प्रजापति द्वारा लगाए गए थे जिनकी ग्रामीणों की शिकायत पर तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ ऋषव गुप्ता जी ने संज्ञान लेकर झारड़ा पँचायत में नुक्ती के फर्जी बिल व हाट बाजार की वित्तीय अनियमितता में 91 लाख की रिकवरी निकाली थी जिनका जिला पंचायत न्यायालय में प्रकरण भी चल रहा है फिर भी सचिव दिनेश प्रजापति को आजतक वित्तीय अनियमितता में  निलंबन नही  किया गया व उनकी पोस्टिंग उनके घर सौम्या से महज पांच किलोमीटर झारड़ा पँचायत में कर दी जहां उन्होंने उनके कार्यकाल में सवा लाख रुपये नुक्ती के बिल लगाए थे ऐसे में आजादी के जश्न से 7 दिन पहले ही उनकी झारड़ा पोस्टिंग कही फिर 15 अगस्त पर सवा लाख की नुक्ती वितरण के लिए तो नही की गई जिसकी चर्चा चौराहे पर चलने लगी प्रजापति की झारड़ा में तबादला होने से  उनके खिलाफ चल रहा प्रकरण प्रभावित हो सकता है दिनेश प्रजापति वर्तमान में बोरखेड़ी पँचायत में पदस्थ था जहां भी कभी कभी जाता है जिनसे ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल पाता है इधर पूरे मामले में जनपद सीओ का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी अब देखना है कि कब दोषियों पर कार्रवाई होती हैं या फिर सिर्फ अधिकारी मूल मंत्र का जाप कर टाल  देते हैं। लेकिन कुछ उम्मीद नवागत जिला पंचायत CEO से भी है। क्या यह भी राजनीतिक दबाव में दब कर रह जाएंगे। या फिर कार्रवाई को निरंतर आगे बढ़ा कर एक मिसाल कायम करेंगे।

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