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अजमेर होमगार्ड को खड़े-खड़े आया हार्ट अटैक, मौत, सिर्फ 35 साल थी उम्र, जमीन पर गिरते ही नाक से बहा खून

अजमेर में होमगार्ड को खड़े-खड़े हार्ट अटैक आ गया। अटैक आते ही वह जमीन पर गिर गया और उसकी नाक से खून बहने लगा। बिल्डिंग होने पर  लोग तत्काल हॉस्पिटल लेकर गए, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। चंद सेकेंड में हुई मौत का वीडियो भी सामने आया है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है कोतवाली थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया- गगवाना निवासी होमगार्ड हरिराम गुर्जर (35) पुत्र बीरधीचंद के गिरने पर उसे जेएलएन हॉस्पिटल ले जाया गया था। जांच कर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। होमगार्ड के परिवार की मांग पर बिना पोस्टमार्टम के ही शव को परिवार को सौंप दिया गया ऑफिस का पेमेंट देने गया था होमगार्ड हरिराम डीटीएच कनेक्शन के ऑफिस में प्राइवेट जॉब करता था। ऑफिस का पेमेंट देने के लिए शुक्रवार को कचहरी रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के पास गया था। बिल्डिंग के नीचे पेमेंट लेने वाले व्यक्ति का इंतजार कर रहा था। इंतजार करते-करते ही अचानक उसे अटैक आया और वह जमीन पर गिर गया। बिल्डिंग के अंदर मौजूद लोग तुरंत पहुंचे और होमगार्ड को जेएलएन हॉस्पिटल लेकर गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी 2013 से होमगार्ड की नौकरी कर रहा था होमगार्ड के छोटे भाई रामरतन गुर्जर ने बताया- उसके भाई हरीराम ने 2013 में होमगार्ड की नौकरी जॉइन की थी। वह डीटीएच कनेक्शन के ऑफिस में प्राइवेट जॉब भी करता था। हरीराम की दो बेटियां और एक बेटा है बिल्डिंग के अंदर लगे सीसीटीवी में होमगार्ड की मौत कैद हुई है। सीसीटीवी में होमगार्ड बिल्डिंग के नीचे खड़ा दिखाई दिया है। अचानक ही वह जमीन पर गिर गया। कुछ देर वह तड़पता दिखाई दिया। होमगार्ड ने पैरों से आवाज कर लोगों को बुलाने की कोशिश भी की थी अब पढ़िए, कम उम्र में क्यों आ रहे हार्ट अटैक, कैसे चेक करवाएं अपनी हार्ट हेल्थ, हार्ट अटैक से कैसे बच सकते हैं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हर साल करीब 6 करोड़ लोगों की मौत होती है। इनमें से लगभग 32% मौतों की वजह कार्डियोवस्कुलर डिजीज है। यह बीमारी दुनिया में सबसे अधिक मौतों की वजह बनती है। हर साल लगभग पौने दो करोड़ लोग किसी-न-किसी हार्ट डिजीज के कारण जान गंवा रहे हैं पहले हार्ट डिजीज के ज्यादातर पेशेंट्स 60 साल से अधिक उम्र के होते थे। अब नई समस्या ये है कि बीते कुछ सालों में 30 साल से कम उम्र के लोग भी इसका शिकार बन रहे हैं। कोविड के बाद से तो जैसे हार्ट अटैक के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं कम उम्र में हार्ट अटैक के क्या हैं रिस्क फैक्टर्स लंबे अरसे तक माना जाता रहा कि उम्र के साथ हमरा दिल भी बूढ़ा होता जाता है। इसलिए उम्र बढ़ने के साथ हार्ट डिजीज के मामले भी बढ़ जाते हैं। लेकिन बीते सालों में युवाओं को हो रहे हार्ट अटैक और स्ट्रोक्स ने सबको चौंकाया है अनहेल्दी लाइफ स्टाइल आजकल ज्यादातर बीमारियों की जड़ अनहेल्दी लाइफस्टाइल है। देर रात तक जगना, सुबह देर से उठना, एक्सरसाइज न करना, खाने में फास्ट फूड और तली-भुनी चीजें खाना। इसके कारण डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, ओबिसिटी जैसी लाइफस्टाइज डिजीज होती हैं, जो आगे चलकर हार्ट अटैक का कारण बनती हैं हाई ब्लड प्रेशर हाई ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक के सबसे बड़े रिस्क फैक्टर्स में से एक है। असल में ब्लड प्रेशर हाई होने का मतलब है कि ब्लड फ्लो में कोई समस्या है तो हार्ट को इसका फ्लो बरकरार रखने के लिए पंपिंग तेज करनी पड़ रही है। इससे ब्लड वेसल्स डैमेज होती हैं, दिल थक रहा होता है। जो कभी भी हार्ट अटैक या अरेस्ट की वजह बन सकता है हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल कोलेस्ट्रॉल हमारी ब्लड वेसल्स में जमा गाढ़े फैट की तरह है, जो खून की आवाजाही को बाधित करता है। इसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ता है। हार्ट को खून पंपिंग में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसका लेवल जितना बढ़ता है, हार्ट अटैक के चांसेज भी उतने ही बढ़ते जाते हैं फैमिली हिस्ट्री ब्रिटेन स्थित द हार्ट फाउंडेशन के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति के पेरेंट्स को या भाई-बहन को 60 साल से कम उम्र में हार्ट अटैक हुआ है तो उसे दूसरों के मुकाबले कम उम्र में हार्ट अटैक की आशंका अधिक होती है स्मोकिंग नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश साल 2016 की एक स्टडी के मुताबिक, बच्चों और युवाओं में हार्ट अटैक के बड़े रिस्क फैक्टर्स में एक स्मोकिंग भी है। भारत सरकार के नेशनल सैंपल सर्वे के मुताबिक भारत में 10 से 14 साल के 2 करोड़ बच्चे तंबाकू और सिगरेट के लती हैं। स्मोकिंग से हमारे फेफड़े और ब्लड वेसल्स कमजोर पड़ते हैं, जो हार्ट अटैक का बड़ा कारण हैं डायबिटीज नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, जिन लोगों को डायबिटीज है, उनमें हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ जाता है। ये दोनों ही फैक्टर दिल की सेहत के लिए खतरनाक हैं। असल में डायबिटीज के कारण ब्लड वेसल्स कमजोर पड़ जाती हैं, हार्ट की मसल्स भी कमोजेर हो जाती हैं। ऐसे में दूसरे ट्रिगर पॉइंट्स मौत के मुंह तक ले जाते हैं ओबिसिटी मोटापा ऐसी कॉम्प्लेक्स डिजीज है, जो कई लाइफ स्टाइल बीमारियों की वजह बनती है। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, स्ट्रेस जैसी सभी लाइफ स्टाइल डिजीज दिल की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हैं कोविड इंफेक्शन इफेक्ट्स कोरोना वायरस ने हमारे फेफड़ों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। इसने किडनी और ब्लड वेसल्स को भी कमजोर किया है। इसका सीधा असर हार्ट पर पड़ता है। यही कारण है कि कोविड इंफेक्शन के बाद बच्चों और युवाओं में कोरोना के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं कई स्टडीज ने तो यहां तक बताया है कि इन दिल के दौरों के पीछे जीवन दायिनी कोविड वैक्सीन भी बड़ी वजह है हार्ट अटैक या स्ट्रोक से बचने के लिए क्या कर सकते हैं हार्ट अटैक से बचना है तो समय-समय पर हार्ट हेल्थ का चेकअप करवाना जरूरी है हार्ट हेल्थ सुधारने के लिए क्या कर सकते हैं कोरोना इंफेक्शन ने हमारे दिल समेत कई बॉडी ऑर्गन्स को बहुत नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में अनहेल्दी लाइफ स्टाइल इन्हें और नाजुक बना सकती है। जरूरी है कि हेल्दी लाइफ स्टाइल फॉलो करके दिल की सेहत में सुधार किया जाए।

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