इंदौर में बाल विवाह रुकवाने मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम के माध्यम से दूल्हा-दुल्हन की दोस्ती हुई थी। आपस में बातचीत के दौरान दोनों शादी के लिए तैयार हो गए। उन्होंने शादी नहीं करने पर घर से भागने की बात कही। परिजनों का कहना है कि वे ऐसा न करें इसलिए हम मजबूरन शादी करने को तैयार हो गए। विवाह करने आए पंडित राजू मिश्रा ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी इसलिए वे शादी कराने चले आए। बता दें कि दूल्हा तो 27 साल का था लेकिन दुल्हन केवल 15 साल की थी। इसी कारण यह विवाह रुकवाया गया है।विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रामनिवास बुधौलिया ने बताया कि रविवार को एमआईजी थाना क्षेत्र अंतर्गत कृष्ण बाग कॉलोनी में एक नाबालिग बेटी का विवाह होने की ऑनलाइन सूचना मिली थी। शिकायत में कहा गया था कि नाबालिग बेटी का विवाह उसके घर पर ही किया जा रहा है बरात पहुंच गई है और फेरों की तैयारी कर ली गई है सूचना मिलती मामले की जांच करने के लिए लाडो अभियान कोर ग्रुप के महेंद्र पाठक ने बाल संरक्षण अधिकारी भगवान दास साहू, कोर ग्रुप सदस्य देवेंद्र कुमार पाठक, थाना एमआईजी के प्रधान आरक्षक शिव कुमार यादव व पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर पूछताछ की अचानक पहुंचे दल ने दोनों पक्षों से चर्चा की तो दूल्हे की मौसी ने पहले तो गुमराह करने का प्रयास करते हुए कहा कि इन लोगों में सगाई की रस्म इसी तरह से मंडप सजाकर की जाती है। परिजनों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज के अनुसार बालिका की उम्र 15 वर्ष निकली। वहीं गुजरात से आए दूल्हे की उम्र लगभग दोगुना 27 साल निकली पाठक ने जब उनसे सख्ती से बातचीत की तो उन्होंने विवाह होने के बाद स्वीकार की। दस्ता प्रभारी बैठक में परिजनों को समझाया तब युवती ने कहा कि वह अपनी मर्जी से शादी कर रही है।


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