निम्बाहेड़ा। निम्बाहेड़ा में आयोजित दस दिवसीय राष्ट्रीय दशहरा मेला राजस्थान एवं समीपवर्ती राज्यों सहित राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है, लेकिन इस बार कांग्रेस शासित बोर्ड ने 15 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे राष्ट्रीय दशहरा मेले को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाते हुए एक नई पहचान दिलाई है।कांग्रेस शासित बोर्ड पर उक्त आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि इस बार मेला आयोजन में कांग्रेस बोर्ड ने नए कीर्तिमान स्थापित किये हैं। उन्होंने कहा कि एक प्रसिद्ध दोहे "राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट, अंत समय पछताएगा जब प्राण जाएंगे छूट' को चरितार्थ करते हुए इस वर्ष विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले ही मीरा रंगमंच पर आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में खुलकर भ्रष्टाचार किया, जो संदेह के घेरे में होकर अब आमजन के सामने आ रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि इसे भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा कहे या कुछ और जिसमें कांग्रेस बोर्ड ने आमजन की गाढ़ी कमाई को कम पारिश्रमिक वाली रंगारंग पार्टियों को भी अधिक भुगतान कर लुटा दी। सम्पूर्ण मेले में खर्च होने वाली राशि की लगभग आधी राशि के करीब 69 लाख रुपये की राशि मात्र दो आयोजनों में खर्च की जा रही है, जो किसी बड़े भ्रष्टाचार की ओर इंगित करता है भाजपा पार्षद दल ने मेला अधिकारी से मेले में 32 लाख 50 हजार रुपये की राशि से अभिनेता गोविंदा एवं 36 लाख 50 हजार की राशि से सचेत व परम्परा के कार्यक्रम को तुरन्त प्रभाव से निरस्त कर पूर्ण पारदर्शी के साथ कम दर पर अन्य कार्यक्रम का आयोजन कर नगर पालिका के कोष का दुरूपयोग होने से बचाने की मांग की है।उल्लेखनीय है कि अभिनेता गोविंदा कांग्रेस पार्टी से सांसद भी रहे हैं और वर्तमान में यहां विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता भी लागू है, तो इसके चलते गोविंदा का किसी भी प्रकार से सरकारी आयोजन में कार्यक्रम करना आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की श्रेणी में आता है।ज्ञातव्य है कि दशहरा मेला आयोजन को लेकर जितनी भी समितियां बनती है उन समिति के संयोजक द्वारा सम्बन्धित समिति के सदस्यों की बैठक कर निर्णय लिए जाते हैं और इसके लिए संयोजक एजेंडा भेजकर बैठक की सूचना सम्बन्धित समिति के सदस्यों देते हैं। ततपश्चात समिति में हुए निर्णय के बाद निर्णय मुख्य मेला समिति के समक्ष रखा जाता है, जिस पर मुख्य मेला समिति द्वारा ही तय होता है कि समितियों के निर्णय पर क्या फैसला करना है, लेकिन कांग्रेस बोर्ड द्वारा गठित किसी समिति संयोजकों द्वारा ना तो कोई बैठक बुलाई गई और ना ही किसी भाजपा पार्षद व समिति सदस्य को बैठक और इसके एजेंडे की कोई जानकारी दी गई भाजपा पार्षद दल ने बताया कि मुख्य मेला समिति के संयोजक द्वारा भी मुख्य मेला समिति की कोई बैठक नही बुला कर अपने स्तर पर ही इतने बड़े-बड़े निर्णय ले लिए गए, जो निश्चित ही भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहे हैं नगर पालिका प्रतिपक्ष नेता एवं पूर्व विधायक अशोक नवलखा भाजपा पार्षद दल नितिन चतुर्वेदी, पारस पारख, सुरेश खेरोदिया, मयंक अग्रवाल, अतुल सोनी, जगदीश माली, अविनाश गोठवाल, प्रेम बाहेती, गजेन्द्र सिंह नेडिया, आरती शर्मा, सुमित्रा सोनी, सुधा सोनी, देवयंति शर्मा, माया भाम्भी, कला देवी मालवीय, संजू कंवर ने कहा कि दोनों आयोजनों को निरस्त कर इनके भुगतान नही किये जाए। भाजपा पार्षद दल ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बावजूद इन दोनों आयोजनों के लिए उक्त पार्टियों को भुगतान किया जाता है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की रहेगी तथा बाद में उच्च स्तर पर जांच करवाई जा कर दोषी अधिकारियों व भ्रष्टाचार करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करवाई जाएगी।


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