भोपाल। राजधानी में नेहरू नगर चौराहे पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक इंजीनियर को लोकायुक्त टीम ने 25000 रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है एक ठेकेदार की शिकायत पर लोकायुक्त ने यह कार्रवाई की है आरोपित ने उससे पुराने बिल का भुगतान स्वीकृत करने के ऐवज में 67 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। बाद में वह 25000 रुपये लेने के लिए मान गया था। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है लोकायुक्त विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अशोका गार्डन में रहने वाले महेंद्र पांडे पेशे से ठेकेदार हैं। उन्होंने 09 नवंबर को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त को लिखित शिकायती आवेदन दिया था कि उन्होंने खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान में बाउंड्री वॉल एवं एप्रोच रोड बनाने का काम किया था। पीडब्ल्यूडी में कार्यपालन यंत्री कमल सिंह कौशिक ने उनसे उक्त काम के पेंडिंग बिल व सुरक्षा निधि की रकम समेत लगभग 67 लाख रुपये का भुगतान स्वीकृत करने के ऐवज में एक प्रतिशत के हिसाब से (67000 रुपये) राशि की मांग की। आखिर उनके बीच 25000 रुपये में मामला तय हुआ। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपित को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। योजना के तहत उसे फरियादी ने नेहरू नगर चौराहे पर दोपहर में मिलने के लिए बुलाया। आरोपित इंजीनियर अपने शासकीय वाहन इनोवा से वहां पहुंचा और उसने जैसे ही रिश्वत की रकम लेकर गाड़ी की दराज में रखी, वहीं छिपकर खड़े लोकायुक्त डीएसपी सलिल शर्मा व उनकी टीम ने उसे दबोच लिया। नेहरू नगर अति व्यस्त चौराहा होने से अग्रिम कार्रवाई के लिए सुविधाजनक स्थान न होने से लोकायुक्त टीम इंजीनियर को पकड़कर कमला नगर थाना पहुंची, जहां पर उससे पूछताछ की जा रही है। लोकायुक्त एसपी के निर्देशन में डीएसपी डॉ सलिल शर्मा की अगुआई में इंस्पेक्टर आशीष भट्टाचार्य, इंस्पेक्टर मयूरी गौर की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।


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