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मंदसौर 10.09.22 से गरोठ निवासी बदला नाम अंकिता को फेसबुक व इंसटाग्राम आईडी बनाकर फोटो अपलोड कर लडकी के नाम अन्य लडको से बातचीत कर अश्र्लील व लुभावनी बाते करता था जिसकी शिकायत पर थाना हाजा पर अपराध क्र0 389/22 धारा 505(2),507,354(घ) भादवि व 66(C) सुचना प्रोद्योगिक अधिनियम का पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही थी शिकायतकर्ता बदला नाम अंकिता ने सी एम हेल्पलाईन के जरिये वरिष्ट अधिकारीयो को शिकायत करी जिस पर श्री अनुराग सुजानिया (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक जिला मन्दसौर के द्वारा संज्ञान मे लेकर सख्त निर्देश दिये जिस पर श्री महेन्द्र तारनेकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (गरोठ) के द्वारा सी एम हेल्पलाईन सुनवाई के दौरान मिले साक्ष्य के आधार पर, श्रीमती सोनु परमार , एस.डी.ओ.पी. गरोठ के नेतृत्व मे एक टीम गठित की जिसमे श्री कमलेश सिंगार थाना प्रभारी गरोठ उनि भारत कटारा , आरक्षक 597 विशाल तथा साइबर शाखा के प्रभारी निरीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह सिसौदिया व निरीक्षक श्री अमित सोनी थाना प्रभारी कोतवाली की मदद से दो माह से फरार आरोपी स्वपनिल पिता अनिल कुमार मंडीवाल नि0 मंडीदीप रायसेन हाल मुकाम खानपुरा थाना कोतवाली जिला मन्दसौर को गरोठ न्यायालय के आस पास जमानत कराने के उदेश्य से घुमता हूआ बस स्टेण्ड गरोठ से धरदबोचा आरोपी बदमाश मंदसोर मे एसबीआई बेंक मे क्रेडिट कार्ड बनाने का कार्य करता था जहा से लडकियो के मोबाईल व फोटो लेकर फर्जी आईडीया बनाकर फोटो अपलोड कर बाते करता था व लडकियो को बदनाम करता था । आरोपी को आज दिंनाक 12.11.22 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश कर एक दिन का रिमांड लेकर आरोपी का मोबाईल जप्त कर उसके द्वारा कितनी फर्जी आईडी बनाई गई है इस संबध मे पुछताछ की जा रही । कई फर्जी आईडी की जानकारी मिलने की संभवना है गिरफ्तार आरोपी का नाम :- 1. स्वपनिल पिता अनिल कुमार मंडीवाल नि0 मंडीदीप रायसेन हाल मुकाम खानपुरा जिला मन्दसौर सराहनीय कार्य:- उक्त कार्यवाही में निरीक्षक कमलेश सिंगार थाना प्रभारी गरोठ, उनि0 भारत कटारा, प्रआर0 आशीष बेरागी (सायबर शाखा), आरक्षक 504 मनीष, आरक्षक 597 विशाल, आरक्षक 599 अनिल यादव व आर0 चालक 283 सुल्तान मोहम्मद, का सराहनीय योगदान रहा


उज्जैन--शनिवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने प्रशासक संदीप सोनी और प्रबंध समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। कलेक्टर ने बताया कि 1500 रुपए वाली व्यवस्था में ज्यादा भीड़ होने से पीछे वाले दर्शनार्थियों को दर्शन नहीं हो पाते थे। इसलिए रोजाना टिकट की संख्या 580 तक कर दी थी। इनमें करीब 300 टिकट पंडे अपने यजमान के लिए रखते थे। महज 280 टिकट ही सामान्य लोगों के लिए बचते थे। 1500 रुपए देकर गर्भगृह में जाने वाले श्रद्धालु फोटोग्राफी करने लगते हैं। इससे अधिक समय लगता है। अब ऐसा नहीं होगा। गर्भगृह में फोटोग्राफी को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया है। बैठक में तय किया गया कि 1500 की टिकट वाले श्रद्धालुओं को दर्शन होते ही बाहर निकाला जाएगा, ताकि पीछे आने वाले श्रद्धालुओं को समय मिल सके। 580 टिकट के कोटे की व्यवस्था को खत्म कर इसे अनलिमिटेड करने पर भी चर्चा की गई। हालांकि अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।

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