उज्जैन--शनिवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने प्रशासक संदीप सोनी और प्रबंध समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। कलेक्टर ने बताया कि 1500 रुपए वाली व्यवस्था में ज्यादा भीड़ होने से पीछे वाले दर्शनार्थियों को दर्शन नहीं हो पाते थे। इसलिए रोजाना टिकट की संख्या 580 तक कर दी थी। इनमें करीब 300 टिकट पंडे अपने यजमान के लिए रखते थे। महज 280 टिकट ही सामान्य लोगों के लिए बचते थे। 1500 रुपए देकर गर्भगृह में जाने वाले श्रद्धालु फोटोग्राफी करने लगते हैं। इससे अधिक समय लगता है। अब ऐसा नहीं होगा। गर्भगृह में फोटोग्राफी को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया है। बैठक में तय किया गया कि 1500 की टिकट वाले श्रद्धालुओं को दर्शन होते ही बाहर निकाला जाएगा, ताकि पीछे आने वाले श्रद्धालुओं को समय मिल सके। 580 टिकट के कोटे की व्यवस्था को खत्म कर इसे अनलिमिटेड करने पर भी चर्चा की गई। हालांकि अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।


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