मनासा श्रीमान सक्षम नरूला, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा खेत की मिट्टी हटाने की बात को लेकर एक-दूसरे के साथ मारपीट करने वालें 10 आरोपीगण को दण्डित किया गया, जिसमें से एक पक्ष के 4 आरोपीगण (1) दिनेश पिता भावानीराम पाटीदार, उम्र-55 वर्ष, (2) राजू उर्फ राजेन्द्र पिता भावानीराम पाटीदार, उम्र-41 वर्ष, (3) विक्रम पिता दिनेश पाटीदार, उम्र-22 वर्ष व (4) अंतिम पिता गोपीलाल बंजारा, उम्र-22 वर्ष सभी निवासी ग्राम देवरान, थाना रामपुरा तहसील मनासा, जिला नीमच को धारा 323, 506(2) भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 3-3 माह के सश्रम कारावास व कुल 1500-1500रू जुर्माना और दुसरे पक्ष के 6 आरोपीगण (1) रामदयाल पिता उदयराम पाटीदार, उम्र-49 वर्ष, (2) जगदीश पिता गोरू बंजारा, उम्र-51 वर्ष, (3) राधेश्याम पिता कर्मा बंजारा, उम्र-42 वर्ष, (4) सद्दा उर्फ सत्यनारायण पिता जगदीश बंजारा, उम्र-44 वर्ष, (5) सुगना उर्फ साबू बाई पति जगदीश बंजारा, उम्र-46 वर्ष व (6) शारदाबाई पति सद्दा उर्फ सत्यनारायण, उम्र-31 वर्ष, सभी निवासी ग्राम आमलिया, थाना रामपुरा तहसील मनासा, जिला नीमच को धारा 323 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 3-3 माह के सश्रम कारावास व कुल 1500-1500रू जुर्माने से दण्डित किया प्रकरण में न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी करने वाले श्री योगेश कुमार तिवारी, एडीपीओ द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना 11 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 08.06.2011 की ग्राम देवरान की हैं। घटना दिनांक को दोनों पक्षकारों का खेत के पास के तालाब के पाल की मिट्टी हाटाए जाने को लेकर विवाद हो गया था, जिस कारण दोनों पक्षकारो द्वारा एक-दूसरे के साथ मारपीट कर चोटे पहुंचाई गई। बाद में दोनो पक्षकारों द्वारा एक-दूसरे के विरूद्ध पुलिस थाना रामपुरा में प्रथम सूचना रिपोर्ट लिखाई गई। पुलिस रामपुरा द्वारा दोनों पक्षो के आहतगणों का मेडिकल कराते हुए शेष आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में दोनों पक्षो के फरियादीगण, आहतगण व अन्य आवश्यक गवाहों के बयान कराकर मिट्टी हटाने की बात को लेकर एक-दूसरे के साथ मारपीट किये जाने के अपराध को प्रमाणित कराते हुए दोनों पक्षों के आरोपियों को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों के 10 आरोपीगण को उपरोक्तानुसार दण्डित किया गया (2) ईंटे हटाने की बात को लेकर मारपीट करने वाले 3 आरोपीगणो को 3-3 माह का सश्रम कारावास मनासा। श्रीमान सक्षम नरूला, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा ईंटे हटाने की बात को लेकर मारपीट करने वाले 3 आरोपीगण (1) गोविंदसिंह पिता मांगीलाल, उम्र-52 वर्ष, (2) जितेन्द्रसिंह पिता गोविंदसिंह, उम्र-28 वर्ष व (3) राहुल पिता गोविंदसिंह उम्र-26 वर्ष, सभी निवासी-ग्राम हाडीपिपल्या, तहसील मनासा, जिला नीमच को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 323/34 के अंतर्गत दोषी पाते हुए 03-03 माह के सश्रम कारावास एवं कुल 1500-1500रू. जुर्माने से दण्डित किया प्रकरण में न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी करने वाले श्री योगेश कुमार तिवारी, एडीपीओ द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना 8 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 11.06.2014 को सुबह के लगभग 7 बजे ग्राम हाडीपिपल्या स्थित फरियादी राजपालसिंह के घर सामने की हैं। फरियादी के मकान का काम चल रहा था, जिस कारण ईंटे रास्ते पर पड़ी हुई थी, ईंटो को हटाये जाने की बात को लेकर आरोपीगण द्वारा विवाद करते हुए लकडी व ईंट से फरियादी राजपालसिंह, उसके भाई महेन्द्रसिंह व उसके पिता जसवंतसिंह के साथ मारपीट करी थी। फरियादी द्वारा घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना मनासा में की गई, जिस पर से अपराध क्रमांक 316/14 धारा 323/34 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत पंजीबद्ध की गई। विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा आहतगणों का मेडिकल कराया गया तथा बीच-बचाव करने वाले व घटना के चश्मदीद साक्षीगणों के कथन लेकर शेष आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग-पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादी, आहतगण व घटना को देखने वाले चश्मदीद साक्षी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर आरोपीगण द्वारा मारपीट किये जाने के अपराध को प्रमाणित कराते हुए उसे कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिससे सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया (3) दुकान के सामने ठेला लगाने के विवाद को लेकर तलवार से चोट पँहुचाने वाले आरोपी को 1 वर्ष का सश्रम कारावास जावद। श्रीमान अनुज कुमार मित्तल, अपर सत्र न्यायाधीश, जावद के द्वारा दुकान के सामने ठेला लगाने के विवाद को लेकर तलवार से मारपीट कर चोट पँहुचाने वाले आरोपी बुगदार पिता नूर मोहम्मद कुंजड़ा, उम्र-47 वर्ष, निवासी-आदर्श मोहल्ला, जावद, जिला नीमच को धारा 25 आयुध अधिनियम, 1959 के अंतर्गत 01 वर्ष के सश्रम कारावास व 1000रू जुर्माना और धारा 324 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 6 माह के सश्रम कारावास व 1000रू जुमाने से दण्डित किया प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक श्री अरविंद शर्मा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 09 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 30.06.2013 को शाम के लगभग 05ः30 बजे शास्त्री चौक बस स्टेण्ड जावद स्थित फरियादी आशिक हुसैन की फल की दुकान के सामने की हैं। घटना दिनांक फरियादी की दुकान के सामने फल का ठेला लगाये जाने की बात को लेकर आरोपी से फरियादी का विवाद हो गया था, जिस कारण आरोपी द्वारा तलवार से फरियादी के भाई असलम के साथ मारपीट की गई। मौके पर उपस्थित लोगो द्वारा बीचबचाव किया गया। फरियादी द्वारा घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना जावद में की गई, जिस पर से अपराध क्रमांक 248/13, धारा 307, 324 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। पुलिस जावद द्वारा आहत का मेडिकल कराया गया व घटना में तलवार का प्रयोग किया जाने से धारा 25 आयुध अधिनियम, 1959 का ईजाफा करते हुए व आरोपी को गिरफ्तार कर शेष आवश्यक अनुसंधान पूर्णकर अभियोग पत्र जावद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया अभियोजन द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान आहत व अन्य चश्मदीद साक्षियों के बयान कराये गये व अभिलेख पर आहत को जो चोटे आई वह प्राणघातक नहीं होने से आरोपी को धारा 307 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत दोषमुक्त करते हुए धारा 324 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 व धारा 25 आयुध अधिनियम, 1959 के अंतर्गत उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया (4) पुराने विवाद के कारण दो महिलाओं से मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने वाले तीन आरोपियों को 1-1 वर्ष का सश्रम कारावास मनासा। श्रीमान सतीश चंद्र मालवीय, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, मनासा के द्वारा पुराने विवाद के कारण 2 महिलाओं के साथ मारपीट कर 1 महिला को गंभीर चोट पहुंचाने वाले 3 आरोपीगण (1) मांगीलाल पिता तुलसीराम नाई, उम्र-55 वर्ष, निवासी-ग्राम गांधीयाखेडी, तहसील मनासा, जिला नीमच, (2) भगवानसिंह पिता बिहारीसिंह राजपूत, उम्र-43 वर्ष व (3) विक्रमसिंह पिता नहरसिंह राजपुत, उम्र-24 वर्ष, दोनों निवासीगण-ग्राम रतनपुरा, तहसील मनासा, जिला नीमच को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 325/34 के अंतर्गत 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000-1000रू. जुर्माना व भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 323/34 के अंतर्गत 3-3 माह के सश्रम कारावास एवं 500-500रू. जुर्माना से दण्डित किया प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक श्री प्रेमसुख पाटीदार द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 08 वर्ष पूर्व दिनांक 04.01.2014 को लगभग 05 बजे थाना कुकडेश्वर क्षैत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गांधीयाखेड़ी स्थित फरियादीगण के घर के आंगन की हैं। फरियादिया सरजुबाई घटना दिनांक को बनेसिंह के साथ घर के आंगन में बैठकर रूपये लेन-देन की बात कर रही थी, तभी वहां पर आरोपीगण तलवार लेकर आये व पुराने विवाद के कारण वह फरियादिया के साथ मारपीट करने लगे। चिल्लाचोट की आवाज सुनकर फरियादिया की पुत्री दाखीबाई बीचबचाव करने आई तो आरोपीगण ने उसके साथ भी मारपीट की फिर बनेसिंह, गोपाल व राजू ने बीचबचाव किया, जिसके बाद आरोपीगण वहां से चले गये। फरियादिया द्वारा घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना कुकडेश्वर पर की गई, जिस पर से अपराध क्रमांक 3/14 धारा 323/34 भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। पुलिस कुकडेश्वर द्वारा दोनों आहत महिलाओं का मेडिकल कराया गया, जिसम आहत दाखीबाई के हाथ में फ्रैक्चर होना पाया जाने से धारा 326/34 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 व घटना में तलवार का प्रयोग किया जाने से धारा 25 आयुध अधिनियम, 1959 का ईजाफा करते हुए व आरोपीगण को गिरफ्तार कर शेष आवश्यक अनुसंधान पूर्णकर अभियोग पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया अभियोजन द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान दोनों आहत महिलाओं व अन्य चश्मदीद साक्षियों के बयान कराये गये, जिसमें तलवार के स्थान पर लकडी से मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाये जाने की साक्ष्य अभिलेख पर आने से आरोपीगण को धारा 326/34 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 व धारा 25 आयुध अधिनियम, 1959 में दोषमुक्त करते हुए धारा 325/34 व 323/34 के अंतर्गत उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया।